Haryana School Exam 2026: हरियाणा के सरकारी स्कूलों में हर साल मार्च के महीने में वार्षिक परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं। इस साल भी पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए परीक्षा का कार्यक्रम पहले से तय किया गया था। हालांकि 14 मार्च को दूसरे शनिवार का अवकाश होने के कारण शिक्षा विभाग को परीक्षा तिथि में बदलाव करना पड़ा। अब इस दिन होने वाली परीक्षा 19 मार्च को आयोजित की जाएगी। इस बदलाव की जानकारी सभी संबंधित अधिकारियों और स्कूलों को दे दी गई है ताकि विद्यार्थी और शिक्षक समय रहते नई तारीख के अनुसार तैयारी कर सकें।
शिक्षा निदेशालय ने जारी किए निर्देश
इस निर्णय के बाद विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने तुरंत सभी जिलों के मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश भेज दिए हैं। इन निर्देशों में स्पष्ट कहा गया है कि सभी स्कूल नई निर्धारित तिथि के अनुसार परीक्षा आयोजित करें और विद्यार्थियों को इसकी जानकारी दें। इसके साथ ही स्कूलों को यह भी कहा गया है कि वे छात्रों और अभिभावकों तक नई परीक्षा तिथि की सूचना समय पर पहुंचाएं ताकि किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न बने।
विद्यार्थियों के लिए राहत की खबर
परीक्षा की तारीख आगे बढ़ने से कई विद्यार्थियों को थोड़ी राहत भी मिल सकती है। कई बार परीक्षा की तैयारी पूरी न होने के कारण छात्र तनाव में रहते हैं। ऐसे में पांच दिन अतिरिक्त मिलने से उन्हें बेहतर तैयारी का मौका मिलेगा। शिक्षकों का भी मानना है कि इस बदलाव से छात्रों को अपने पाठ्यक्रम को दोहराने और कमजोर विषयों पर अधिक ध्यान देने का समय मिल जाएगा।
चाइल्ड केयर लीव के नियमों में बदलाव
परीक्षा तिथि में बदलाव के साथ-साथ शिक्षा विभाग ने चाइल्ड केयर लीव (CCL) के नियमों में भी महत्वपूर्ण परिवर्तन किए हैं। यह नियम मुख्य रूप से उन कर्मचारियों के लिए है जो क्षेत्रीय कार्यालयों (जिला स्तर) पर कार्यरत हैं और बच्चों की देखभाल के लिए अवकाश लेना चाहते हैं। अब सीसीएल से जुड़े मामलों को सीधे मुख्यालय भेजने की अनुमति नहीं होगी। इसके लिए एक नई प्रक्रिया लागू की गई है।
अब उपायुक्त की मंजूरी जरूरी
नई व्यवस्था के अनुसार अगर कोई कर्मचारी चाइल्ड केयर लीव के लिए आवेदन करता है तो उसे पहले उपायुक्त (Deputy Commissioner) से मंजूरी लेनी होगी। उपायुक्त की स्वीकृति मिलने के बाद ही आवेदन आगे बढ़ सकेगा। इसके बाद प्रस्ताव जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से शिक्षा विभाग के मुख्यालय भेजा जाएगा। इस प्रक्रिया से अवकाश से जुड़े मामलों में अधिक प्रशासनिक निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।
पहले कैसे होती थी प्रक्रिया
इस नए नियम से पहले क्षेत्रीय कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों के सीसीएल से जुड़े आवेदन सीधे शिक्षा अधिकारी के माध्यम से मुख्यालय भेज दिए जाते थे। इस प्रक्रिया में कई बार प्रशासनिक स्तर पर समन्वय की कमी देखने को मिलती थी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब अवकाश से जुड़े मामलों में जिला प्रशासन की भी भूमिका होगी, जिससे निर्णय प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी।
पारदर्शिता और समन्वय बढ़ाने की कोशिश
शिक्षा विभाग का मानना है कि इस नई प्रक्रिया से प्रशासनिक पारदर्शिता और समन्वय बेहतर होगा। जब जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग दोनों मिलकर निर्णय लेंगे तो अवकाश से जुड़े मामलों में अनियमितता या गलत इस्तेमाल की संभावना कम होगी। इसके साथ ही कर्मचारियों के आवेदन की जांच भी अधिक व्यवस्थित तरीके से हो सकेगी।
नए सत्र के लिए दाखिले का शेड्यूल जारी
हरियाणा शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए भी दाखिले का पूरा कार्यक्रम जारी कर दिया है। इस कार्यक्रम के अनुसार 1 अप्रैल से नौवीं और ग्यारहवीं कक्षा में दाखिले शुरू होंगे। यह प्रक्रिया राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में लागू होगी और छात्रों को तय समय सीमा के भीतर दाखिला लेना होगा।
नौवीं कक्षा में दाखिले की प्रक्रिया
नौवीं कक्षा में दाखिले के लिए सामान्य प्रवेश 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक किए जाएंगे। इस अवधि के दौरान छात्र बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के अपने पसंदीदा सरकारी स्कूल में दाखिला ले सकते हैं। अगर कोई छात्र किसी कारणवश इस अवधि में दाखिला नहीं ले पाता है तो उसे 16 मई तक विद्यालय प्रमुख की अनुमति से बिना विलंब शुल्क प्रवेश मिल सकता है।
देर से दाखिले की अनुमति
अगर छात्र 16 मई तक भी दाखिला नहीं ले पाता है तो उसके लिए एक और अवसर दिया गया है। ऐसी स्थिति में 31 मई तक संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी की अनुमति से दाखिला लिया जा सकता है। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी छात्र की पढ़ाई सिर्फ देर से आवेदन करने के कारण प्रभावित न हो।
ग्यारहवीं कक्षा में दाखिले की प्रक्रिया
ग्यारहवीं कक्षा में दाखिले की प्रक्रिया थोड़ी अलग होगी। 1 अप्रैल से छात्रों को प्रोविजनल दाखिले दिए जाएंगे। इसके बाद जब बोर्ड परीक्षा के परिणाम घोषित होंगे तो परिणाम आने के दस दिनों के भीतर सामान्य दाखिले पूरे किए जाएंगे।
परिणाम के बाद मिलेगा दाखिले का मौका
अगर कोई छात्र परिणाम घोषित होने के बाद तय समय में दाखिला नहीं ले पाता है तो उसे एक और मौका दिया जाएगा। ऐसी स्थिति में विद्यालय प्रमुख की अनुमति से अगले 10 स्कूल दिवस तक बिना विलंब शुल्क दाखिला मिल सकेगा। इससे छात्रों को परिणाम आने के बाद अपने विकल्प चुनने का समय मिल जाएगा।
जिला शिक्षा अधिकारी की अनुमति से प्रवेश
अगर छात्र निर्धारित समय सीमा के बाद भी दाखिला नहीं ले पाता है तो अंतिम विकल्प भी दिया गया है। ऐसे मामलों में जिला शिक्षा अधिकारी की अनुमति से अगले 10 स्कूल दिवस तक बिना विलंब शुल्क प्रवेश दिया जा सकेगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि अधिक से अधिक छात्रों को शिक्षा से वंचित न रहना पड़े।
शिक्षा व्यवस्था को व्यवस्थित करने की पहल
हरियाणा शिक्षा विभाग द्वारा किए गए ये बदलाव शिक्षा व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में उठाए गए कदम माने जा रहे हैं। परीक्षा तिथि में बदलाव, सीसीएल नियमों में सुधार और दाखिले की स्पष्ट प्रक्रिया से छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को स्पष्ट दिशा-निर्देश मिलेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी पहल से शिक्षा प्रणाली अधिक प्रभावी बन सकती है।
छात्रों और अभिभावकों के लिए जरूरी जानकारी
शिक्षा विभाग ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे नई परीक्षा तिथि और दाखिले के शेड्यूल की जानकारी समय पर प्राप्त करें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि सभी जरूरी दस्तावेज और आवेदन समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं। इससे छात्रों को बिना किसी परेशानी के परीक्षा और दाखिले की प्रक्रिया पूरी करने में मदद मिलेगी।






