Pink Saheli Smart Card: दिल्ली सरकार ने महिलाओं और ट्रांसजेंडर नागरिकों के लिए एक अहम कदम उठाया है। पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड के जरिए अब राजधानी में यात्रा पहले से ज्यादा आसान और डिजिटल होने जा रही है। यह कार्ड नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) का विशेष संस्करण है। जिसे ‘वन नेशन, वन कार्ड’ योजना के तहत लागू किया गया है।
मुफ्त और डिजिटल यात्रा की शुरुआत
इस कार्ड के जरिए योग्य लाभार्थियों को DTC और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। अब तक बसों में कागज के पिंक टिकट दिए जाते थे। लेकिन यह नया कार्ड उस व्यवस्था की जगह लेगा। इससे यात्रा पूरी तरह टच-फ्री और डिजिटल हो जाएगी।
50 केंद्रों पर कार्ड वितरण
राजधानी में करीब 50 वितरण केंद्र बनाए गए हैं। इनमें जिलाधिकारी (DM) कार्यालय, उप-जिलाधिकारी (SDM) कार्यालय, दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (DTC) डिपो शामिल हैं। सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक लाभार्थी यहां जाकर अपना कार्ड बनवा सकते हैं।
आधार और मोबाइल से लिंक
हर पिंक कार्ड को लाभार्थी के आधार और मोबाइल नंबर से जोड़ा जाएगा। इससे उम्र, लिंग और दिल्ली में निवास की जानकारी की पुष्टि की जाएगी। इससे फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।
मेट्रो और RRTS में भी मान्य
यह कार्ड केवल बसों तक सीमित नहीं है। इसे:
- दिल्ली मेट्रो
- RRTS (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम)
- अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट
में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा।
इससे एक ही कार्ड से अलग-अलग सेवाओं में यात्रा संभव होगी।
तीन तरह के कार्ड
दिल्ली सरकार तीन प्रकार के कार्ड जारी कर रही है:
- पिंक कार्ड: योग्य महिलाओं और ट्रांसजेंडर के लिए
- ब्लू कार्ड: सामान्य यात्रियों के लिए
- ऑरेंज कार्ड: मासिक पास धारकों के लिए
फिलहाल पहले चरण में पिंक और ब्लू कार्ड जारी किए जा रहे हैं।
पिंक कार्ड पूरी तरह मुफ्त
सरकार ने साफ किया है कि पिंक कार्ड पूरी तरह मुफ्त होगा। इसके वितरण का कार्य हिंडन मर्केंटाइल लिमिटेड और एयरटेल पेमेंट्स बैंक लिमिटेड को सौंपा गया है।
पारदर्शिता और सुविधा
डिजिटल रिकॉर्ड के जरिए यात्रा का डेटा सुरक्षित रहेगा। इससे टिकटिंग प्रक्रिया आसान होगी, फर्जी टिकट की समस्या खत्म होगी, सरकार को डेटा आधारित योजना बनाने में मदद मिलेगी।






